बॉलीवुड एक्ट्रेस और मॉडल शर्लिन चोपड़ा (Sherlyn Chopra) हमेशा अपने ग्लैमरस लुक के लिए सुर्खियों में रहती हैं। सोशल मीडिया पर उनके फोटोज़ और वीडियो तेजी से वायरल होते हैं। लेकिन इस बार चर्चा का कारण उनका लुक नहीं, बल्कि ब्रेस्ट इम्प्लांट हटवाना है।
शर्लिन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर अपनी सेहत और शरीर से जुड़ी समस्याओं के बारे में खुलकर बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उन्हें ब्रेस्ट इम्प्लांट की वजह से लगातार दर्द और असहजता महसूस हो रही थी। यह कदम उनके लिए सिर्फ एक कॉस्मेटिक बदलाव नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आत्म-संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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Sherlyn Chopra ने क्यों हटवाए ब्रेस्ट इम्प्लांट
शर्लिन ने 11 नवंबर को इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने बताया कि उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में तेज दर्द हो रहा था। डॉक्टरों ने कहा कि यह उनके सिलिकॉन ब्रेस्ट इम्प्लांट्स की वजह से हो रहा है।
उन्होंने अपने फैंस से कहा कि शरीर की खुशी और आराम सबसे महत्वपूर्ण है। शर्लिन का यह कदम न सिर्फ उनके फैंस के लिए प्रेरणा है, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए चेतावनी भी है, जो सिर्फ सुंदर दिखने के लिए ब्रेस्ट इम्प्लांट सर्जरी करवा रही हैं।

ब्रेस्ट इम्प्लांट क्या होता है
ब्रेस्ट इम्प्लांट एक कॉस्मेटिक सर्जरी है। इसमें सिलिकॉन या सलाइन जेल से बने नकली इम्प्लांट्स को स्तनों में फिट किया जाता है। इसका उद्देश्य स्तनों का आकार बड़ा और आकर्षक दिखाना होता है। हालांकि यह प्रक्रिया शरीर को सुंदर बनाने में मदद करती है, लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। इसलिए महिलाओं को यह निर्णय सोच-समझकर लेना चाहिए।
ब्रेस्ट इम्प्लांट के साइड इफेक्ट्स
इंफेक्शन का खतरा
अगर सर्जरी के बाद उचित देखभाल न की जाए तो बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है। यह दर्द, सूजन और बुखार का कारण बन सकता है।
ब्रेस्ट में दर्द और सूजन
कुछ महिलाओं को लंबे समय तक दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है। यह शरीर की रिजेक्शन रिएक्शन का संकेत हो सकता है।
इम्प्लांट फटने या लीक होने का खतरा
सिलिकॉन या सलाइन इम्प्लांट समय के साथ फट सकते हैं। इसके कारण तरल पदार्थ शरीर में फैल सकता है, जो खतरनाक हो सकता है।
स्किन में खिंचाव और निशान
इम्प्लांट के कारण त्वचा पर अत्यधिक खिंचाव आता है। इससे स्ट्रेच मार्क्स और ढीली त्वचा की समस्या हो सकती है।
बार-बार सर्जरी की जरूरत
इम्प्लांट्स को लगभग हर 8-10 साल में बदलना पड़ता है। इससे खर्च और सर्जरी दोनों बढ़ जाते हैं।
किन महिलाओं को नहीं करवानी चाहिए ब्रेस्ट इम्प्लांट
- ऑटोइम्यून डिजीज वाली महिलाएं – लूपस, रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी बीमारियों में इम्प्लांट से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।
- एलर्जी या स्किन सेंसिटिविटी वाले लोग – सिलिकॉन या सलाइन से रैशेज, खुजली और सूजन हो सकती है।
- 18 साल से कम उम्र की महिलाएं – शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता, हार्मोनल असंतुलन की संभावना रहती है।
- गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं – हार्मोनल बदलाव से सर्जरी का असर अनिश्चित हो सकता है।
- थायराइड और हार्मोनल इम्बैलेंस वाली महिलाएं – ब्रेस्ट इम्प्लांट के साइड इफेक्ट्स बढ़ सकते हैं।
शर्लिन का संदेश: स्वास्थ्य सबसे पहले
शर्लिन चोपड़ा का यह फैसला सिखाता है कि खूबसूरती केवल बाहरी नहीं होती, बल्कि स्वास्थ्य और आराम भी जरूरी हैं। उन्होंने फैंस से कहा कि किसी भी कॉस्मेटिक बदलाव से पहले अपने शरीर की जरूरत और स्वास्थ्य को समझें। यह कदम न सिर्फ उनके लिए बल्कि हर महिला के लिए एक जागरूकता संदेश है। शर्लिन ने साबित किया कि सच्ची खूबसूरती आत्मविश्वास और स्वस्थ शरीर में होती है, ना कि केवल दिखावे में।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ब्रेस्ट इम्प्लांट या किसी भी कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए हमेशा क्वालिफाइड डॉक्टर से सलाह लें। किसी भी तरह का मेडिकल निर्णय बिना प्रोफेशनल सलाह के न लें।
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