PM Kisan Yojana Update: 21वीं किस्त से पहले किसानों को मिला सुनहरा मौका, जानें पूरी डिटेल

By: Core Samachar

On: Tuesday, November 4, 2025 9:26 AM

PM Kisan Yojana Update: 21वीं किस्त से पहले किसानों को मिला सुनहरा मौका यूरिया वितरण पर कड़ी निगरानी, सरकार ने बढ़ाई पारदर्शिता
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PM Kisan Yojana से पहले किसानों को मिला सुनहरा मौक, अगर आप किसान हैं तो यह खबर आपको राहत देगी। केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इस बार Rabi Season में Urea Supply पूरी तरह से सुचारू रहेगी। यानी रबी की बुवाई के दौरान किसानों को खाद के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 तक देश में 68.85 लाख टन यूरिया का भंडार तैयार है। यह सितंबर की तुलना में लगभग 20 लाख टन ज्यादा है। सरकार का कहना है कि योजनाबद्ध तरीके से बढ़ाए गए आयात और उत्पादन की वजह से पूरे देश में पर्याप्त मात्रा में यूरिया मौजूद है।

PM Kisan Yojana Update: 21वीं किस्त से पहले किसानों को मिला सुनहरा मौकायूरिया वितरण पर कड़ी निगरानी, सरकार ने बढ़ाई पारदर्शिता

यूरिया उत्पादन और आयात में रिकॉर्ड वृद्धि, रबी की जरूरतें पहले से पूरी

इस साल अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच भारत ने 58.62 लाख टन कृषि-ग्रेड यूरिया आयात किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा सिर्फ 24.76 लाख टन था। यानी आयात में 130 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इस बढ़ोतरी ने खरीफ के साथ-साथ रबी फसल के लिए भी भंडारण को मजबूत किया है।

घरेलू स्तर पर भी स्थिति बेहतर है। अक्टूबर महीने में 26.88 लाख टन यूरिया का उत्पादन हुआ, जो बीते वर्ष की तुलना में करीब 1 लाख टन अधिक है। वहीं, अप्रैल से अक्टूबर तक औसतन 25 लाख टन का मासिक उत्पादन दर्ज किया गया। आने वाले महीनों में नवंबर और दिसंबर के लिए भी 17.5 लाख टन यूरिया आयात का ऑर्डर पहले ही जारी हो चुका है।

PM Kisan Yojana Update: 21वीं किस्त से पहले किसानों को मिला सुनहरा मौका यूरिया वितरण पर कड़ी निगरानी, सरकार ने बढ़ाई पारदर्शिता
यूरिया वितरण पर कड़ी निगरानी, सरकार ने बढ़ाई पारदर्शिता

यूरिया वितरण पर कड़ी निगरानी, सरकार ने बढ़ाई पारदर्शिता

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यूरिया किसानों तक समय पर और सही मात्रा में पहुंचे। इसके लिए राज्यों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की जमाखोरी, कालाबाजारी या अवैध तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कई राज्य अब डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और तकनीकी निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि हर बोरी का रिकॉर्ड रखा जा सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सब्सिडी वाले यूरिया का दुरुपयोग न हो और असली लाभ वास्तविक किसानों को मिले।

आत्मनिर्भरता की ओर कदम: नए संयंत्रों से घटेगी आयात पर निर्भरता

देश में अब यूरिया उत्पादन को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। नमरूप (असम) और तलचर (ओडिशा) में दो नए यूरिया संयंत्र बन रहे हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 12.7 लाख टन प्रतिवर्ष होगी।

इन प्लांट्स के शुरू होने से आने वाले वर्षों में भारत की विदेशी उर्वरक पर निर्भरता काफी घट जाएगी। फिलहाल खरीफ 2025 के लिए 185.39 लाख टन यूरिया की मांग के मुकाबले 230.53 लाख टन की आपूर्ति की गई थी, यानी सरकार ने किसानों को अपेक्षा से अधिक खाद उपलब्ध कराई। यह स्थिति अब रबी में भी बनी रहेगी।

PM Kisan Yojana Update: किसानों को नहीं उठानी पड़ेगी खाद की चिंता

इस बार रबी सीजन में Urea Supply in Rabi Season पूरी तरह से स्थिर है। बढ़े हुए उत्पादन, समय पर आयात और डिजिटल निगरानी ने भारत की उर्वरक व्यवस्था को और मजबूत बना दिया है। किसानों को अब फसल बोआई के समय यूरिया की कमी की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। सरकार के यह कदम कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने और देश को fertilizer self-reliance की दिशा में ले जाने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

Disclaimer: यह लेख कृषि मंत्रालय और सरकारी रिपोर्टों पर आधारित है। वास्तविक स्थिति राज्यों और मौसम के अनुसार बदल सकती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय कृषि विभाग से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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