Harshit Rana: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए नई उम्मीद बनकर उभरे हैं हर्षित राणा। सिडनी में खेले गए तीसरे वनडे में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके और भारत को 9 विकेट की धमाकेदार जीत दिलाई। यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं थी, बल्कि भारतीय टीम के भविष्य की दिशा दिखाने वाली साबित हुई।
कप्तान शुभमन गिल ने राणा की तारीफ करते हुए कहा कि यह युवा गेंदबाज न केवल विकेट लेने की क्षमता रखता है बल्कि नीचे के क्रम में बल्ले से भी रन जोड़ सकता है। गिल ने इशारा किया कि हर्षित राणा को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं में शामिल किया जा सकता है। ऐसे खिलाड़ी, जो गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दे सकें, टीम इंडिया के लिए लंबे समय से ज़रूरी माने जा रहे हैं।

शुभमन गिल की सोच: क्यों जरूरी है एक भरोसेमंद नंबर 8 बल्लेबाज
शुभमन गिल ने मैच के बाद कहा, नंबर 8 पोजिशन हमारे लिए बहुत अहम है। अगर कोई खिलाड़ी वहां 20–25 रन बना दे तो टीम का संतुलन और भी मजबूत हो जाता है। टीम इंडिया लंबे समय से ऐसे खिलाड़ी की तलाश में है जो तेज गेंदबाज भी हो और जरूरत पड़ने पर बल्ले से टीम को संभाल सके।
नितीश कुमार रेड्डी की चोट के बाद भारतीय टीम को एक सच्चे ऑलराउंडर की कमी महसूस हुई थी। लेकिन अब हर्षित राणा इस कमी को पूरा करते नजर आ रहे हैं। एडिलेड में खेले गए दूसरे वनडे में उनकी 24 रनों की तेज पारी ने यह साबित किया कि वह एक भरोसेमंद lower order batsman भी बन सकते हैं।
यह वही संतुलन है जिसकी भारत को ज़रूरत है, जहां गेंदबाज विकेट भी ले और जरूरत पड़ने पर रन भी बना सके।

Harshit Rana की गेंदबाजी से ढेर हुई ऑस्ट्रेलिया की टीम
सिडनी के मैदान पर राणा का प्रदर्शन देखने लायक था। उन्होंने 4 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
उनकी तेज गेंदें, उछाल और सही लाइन लेंथ ने मेजबान टीम को 236 रन पर ही रोक दिया। यह स्पेल दिखाता है कि राणा में वह controlled aggression है जो किसी भी बड़े मंच पर फर्क डाल सकता है।
राणा की गेंदबाजी ने यह भी साबित किया कि भारत को एक ऐसा तेज गेंदबाज मिल गया है जो विदेशी परिस्थितियों में भी दम दिखा सकता है। उनकी ऊंचाई, स्पीड और निरंतर सटीकता उन्हें बाकी गेंदबाजों से अलग बनाती है।

स्पिनरों और तेज गेंदबाजों का तालमेल बना जीत की कुंजी
कप्तान गिल ने मैच के बाद कहा, ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत अच्छी की थी, लेकिन हमारे स्पिनरों ने दबाव बनाया। फिर हर्षित ने शानदार ताकत के साथ गेंदबाजी की और उसे इनाम मिला। दरअसल, भारत की सफलता का राज सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं बल्कि पूरे गेंदबाजी यूनिट का तालमेल था।
स्पिनरों ने रन रोके, राणा ने विकेट लिए, और यही टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी। यह मैच भारत के गेंदबाजी संयोजन के लिए एक शानदार उदाहरण बन गया कि कैसे pace और spin का सही संतुलन विपक्ष को झुका सकता है।

2027 वर्ल्ड कप की तैयारी और भारत की नई रणनीति
2027 वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका में खेला जाएगा, जहां उछाल और गति वाली पिचें बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश करेंगी।
गिल ने कहा कि ऐसे हालात में 140+ की रफ्तार वाले लंबे गेंदबाज बेहद अहम होते हैं। इस लिहाज़ से हर्षित राणा जैसे खिलाड़ी भारत की दीर्घकालिक योजनाओं में फिट बैठते हैं।
टीम मैनेजमेंट अब ऐसे खिलाड़ियों को तैयार कर रहा है जो सिर्फ एक भूमिका तक सीमित न रहें, बल्कि हर परिस्थिति में टीम को संतुलन दें। अगर राणा इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले सालों में वह भारत के next big bowling all-rounder बन सकते हैं।
Your are not capable for three formates @harshitrana @GautamGambhir https://t.co/MgxFVcllyf
— Ak raj (@B85183033Rajesh) October 25, 2025
हर्षित राणा ने यह साबित कर दिया है कि युवा खिलाड़ी अगर मौके को भुना लें, तो वे भारतीय क्रिकेट का चेहरा बदल सकते हैं।
उनका आत्मविश्वास, फिटनेस और सकारात्मक रवैया उन्हें टीम इंडिया के लिए एक दीर्घकालिक निवेश बनाता है। 2027 वर्ल्ड कप तक का सफर लंबा है, लेकिन अगर राणा इसी लय में बने रहे, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत को उसका नया बॉलिंग ऑलराउंडर मिल गया है।
Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें व्यक्त विचार लेखक के हैं और किसी खिलाड़ी या संगठन की आधिकारिक राय का प्रतिनिधित्व नहीं करते।
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