कभी breast cancer का नाम सुनते ही महिलाएं डर और निराशा से भर जाती थीं, लेकिन अब चिकित्सा विज्ञान ने उम्मीद की नई किरण दिखा दी है।
आधुनिक तकनीकों की मदद से आज ब्रेस्ट कैंसर से उबर चुकी महिलाएं फिर से आत्मविश्वास के साथ जीवन जी रही हैं। इस बदलाव का श्रेय प्लास्टिक, एस्थेटिक और रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में हुई प्रगति को जाता है।
गुरुग्राम स्थित मेदांता हॉस्पिटल के प्लास्टिक, एस्थेटिक्स एंड रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ. आदित्य अग्रवाल ने बताया कि अब महिलाओं के पेट के टिश्यू और चर्बी से नए स्तन बनाए जा रहे हैं, और यह तकनीक काफी सफल साबित हो रही है।
यह जानकारी उन्होंने वाराणसी के ट्रेड फैसिलिटी सेंटर (टीएफसी) में आयोजित एसोसिएशन ऑफ प्लास्टिक सर्जन्स ऑफ इंडिया के चार दिवसीय 59वें वार्षिक अधिवेशन एपिकॉन-2025 में अपने व्याख्यान के दौरान दी।

breast cancer: पेट की चर्बी से बन रहा प्राकृतिक और सुंदर स्तन
डॉ. आदित्य अग्रवाल ने बताया कि अब ब्रेस्ट कैंसर से उबर चुकी महिलाएं अपने पेट के टिश्यू और अतिरिक्त चर्बी का उपयोग कर नया स्तन बनवा सकती हैं।
इस तकनीक से तैयार ब्रेस्ट पूरी तरह प्राकृतिक दिखता और महसूस होता है। यह उम्र के साथ शरीर के अन्य हिस्सों की तरह ही स्वाभाविक रूप से बदलता है।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया से महिलाओं को दोहरा लाभ होता है, एक ओर उन्हें नया ब्रेस्ट मिलता है और दूसरी ओर पेट की अतिरिक्त चर्बी भी हट जाती है, जिससे शरीर का संतुलन और सौंदर्य बढ़ जाता है।
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छोटे और बड़े शहरों में बढ़ रहा ब्रेस्ट मॉडिफिकेशन का रुझान
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आजकल युवतियों में ब्रेस्ट मॉडिफिकेशन का रुझान काफी बढ़ गया है। यह प्रवृत्ति केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों की महिलाएं भी अपने ब्रेस्ट के आकार को छोटा या बड़ा करवाने के लिए सर्जरी करा रही हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्निर्मित ब्रेस्ट से स्तनपान (फीडिंग) संभव नहीं होता, लेकिन यदि केवल आकार या शेप बदलने की सर्जरी की जाती है, तो फीडिंग पर कोई असर नहीं पड़ता।
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पुरुष भी करा रहे हैं ब्रेस्ट सर्जरी
अब यह सर्जरी केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पुरुष भी ब्रेस्ट सर्जरी के लिए आगे आ रहे हैं।
कई पुरुषों में हार्मोनल असंतुलन या फैट की वजह से छाती का आकार बढ़ जाता है, जिसे अब सर्जरी से आसानी से ठीक किया जा सकता है।
रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार
डॉ. आदित्य अग्रवाल ने कहा कि ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी मरीज को मजबूत बनाती है। यह महिलाओं के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार लाती है।
उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया केवल सौंदर्य या कॉस्मेटिक सर्जरी नहीं है, बल्कि कैंसर उपचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। इस सर्जरी की लागत लगभग सात से आठ लाख रुपये तक आती है।
नाक की सर्जरी से चेहरे की बनावट में सुधार
मुंबई स्थित केएम हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. कपिल श्रीनिवास अग्रवाल ने बताया कि आजकल नाक की सर्जरी (राइनोप्लास्टी) की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
कई लोगों की नाक टेढ़ी, चपटी या आकार में बड़ी होती है। इस समस्या को सर्जरी की मदद से ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि चपटी नाक को ऊंचा करने के लिए पसली की चार से पांच सेंटीमीटर हड्डी लेकर नाक पर फिट की जाती है। वहीं, यदि नाक में हल्का सुधार चाहिए तो कान की हड्डी का उपयोग किया जाता है।
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, इस प्रक्रिया से पसली या कान पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में यह सर्जरी पांच से दस हजार रुपये में हो जाती है, जबकि निजी अस्पतालों में इसका खर्च करीब एक लाख रुपये तक पहुंचता है।
घाव भरने में हाइपरबेरिक थेरेपी साबित हो रही कारगर
एम्स ऋषिकेश के प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. विशाल मागो ने बताया कि हादसों या सर्जरी के बाद बने घावों को जल्दी भरने में हाइपरबेरिक थेरेपी बेहद प्रभावी साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस थेरेपी पर किए गए एक अध्ययन में 72 मरीजों को शामिल किया गया था। मरीजों को सप्ताह में पांच दिन तक यह थेरेपी दी गई, और घाव की स्थिति के अनुसार उपचार जारी रखा गया।
अध्ययन में पाया गया कि इस थेरेपी से घाव तेजी से भरते हैं और मरीज कम समय में अस्पताल से छुट्टी पा लेते हैं।
प्लास्टिक और रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी अब केवल सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता और आत्मविश्वास बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका बन चुकी है।
ब्रेस्ट कैंसर से उबर चुकी महिलाएं, चेहरे की बनावट से परेशान लोग, या हादसे के बाद घाव झेल रहे मरीज, सभी के लिए यह तकनीक नई आशा और आत्मविश्वास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी सर्जरी या उपचार से पहले अपने योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
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