America Economic Crisis 2025: आज अमेरिका की हालत देखकर कोई भी हैरान रह जाएगा। कभी दुनिया की सबसे मज़बूत अर्थव्यवस्था कहे जाने वाले देश में इस वक्त आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। शेयर बाजार में भारी गिरावट, कंपनियों में छंटनी और कर्ज का बढ़ता बोझ, ये सब मिलकर ट्रंप सरकार के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं।
कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह संकट सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर आने वाले महीनों में पूरी दुनिया की इकोनॉमी पर दिखेगा।

शेयर बाजार में मची भारी गिरावट, निवेशकों का भरोसा डगमगाया
अमेरिकी शेयर बाजार इस समय जबरदस्त दबाव में है। 6 नवंबर को S&P 500 इंडेक्स में करीब 1.1% की गिरावट आई, Nasdaq 2% तक फिसल गया और Dow Jones लगभग 0.8% गिरा। लगातार दो दिनों से मार्केट में गिरावट का माहौल है। मुख्य वजह बताई जा रही है AI शेयरों (Artificial Intelligence Stocks) की गिरावट। पिछले दो सालों में जिन AI कंपनियों के शेयरों में तेजी आई थी, अब वही नीचे जा रहे हैं।
निवेशकों को डर है कि इन कंपनियों का valuation उनकी असली ग्रोथ से कहीं आगे निकल चुका है। यानी मुनाफा उतना नहीं बढ़ा, जितनी उम्मीद थी। कुछ कंपनियों ने अच्छे नतीजे दिए, लेकिन फिर भी उनके शेयरों में गिरावट दिखी, जो यह बताता है कि अब बाजार में डर का माहौल बन चुका है।
🚨 CNBC: “Announced corporate job cuts surging past 1 million so far this year, with 153,000 new layoffs just in October according to Challenger. That is the worst October since 2003.” pic.twitter.com/NEl2g7bHsP
— Aaron Rupar (@atrupar) November 6, 2025
अक्टूबर में 1.5 लाख नौकरियां गईं, अमेरिका में बढ़ा रोजगार संकट
अमेरिकी इकोनॉमी में अब job cuts का दौर शुरू हो चुका है। सिर्फ अक्टूबर 2025 में 1.53 लाख से ज़्यादा नौकरियां खत्म हो गईं, यह आंकड़ा पिछले 20 सालों में अक्टूबर महीने का सबसे बड़ा जॉब लॉस रिकॉर्ड है। अब तक साल 2025 में करीब 11 लाख लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं, जो पिछले साल की तुलना में 65% ज्यादा है।
टेक्नोलॉजी, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। AI और ऑटोमेशन की वजह से कई कंपनियां मानव श्रम पर निर्भरता कम कर रही हैं। लागत घटाने के लिए कंपनियां बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही हैं। इससे अमेरिकी मिडिल क्लास पर गहरा असर पड़ रहा है और बेरोजगारी दर धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है।

बढ़ता कर्ज और ब्याज दरें, इकोनॉमी पर दवाब बढ़ा
अमेरिका का कर्ज अब 38 ट्रिलियन डॉलर से पार हो गया है। यह देश के GDP का 324% तक पहुंच चुका है। बढ़ते कर्ज और ब्याज दरों की वजह से आर्थिक दबाव तेजी से बढ़ रहा है। अगर समय रहते सरकार ने कदम नहीं उठाए, तो इसका असर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी दिख सकता है।
महंगाई (Inflation) फिर से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं और उपभोक्ता खर्च घटता जा रहा है।
वर्ल्ड बैंक और IMF दोनों ही इस स्थिति को लेकर चेतावनी दे चुके हैं कि अगर अमेरिका में मंदी आई, तो इसका असर ग्लोबल ग्रोथ पर भी पड़ेगा।
अगले कुछ महीनों में ट्रंप प्रशासन को न केवल इकोनॉमिक पॉलिसीज़ बल्कि AI और रोजगार नीति पर भी बड़ा फैसला लेना होगा।
America Economic Crisis 2025
अमेरिका की मौजूदा स्थिति इस बात का संकेत है कि टेक्नोलॉजी की रफ्तार जितनी तेज़ है, आर्थिक स्थिरता उतनी नहीं। America Economic Crisis 2025 सिर्फ एक देश की समस्या नहीं, बल्कि एक वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है। अगर जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाला साल और भी कठिन हो सकता है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। वेबसाइट इस जानकारी की पुष्टि नहीं करती। निवेश या आर्थिक निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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