अंजना ओम कश्यप विवाद की शुरुआत और गलत रिपोर्टिंग का असर, न्यूज़ की तेज़ रफ्तार दुनिया में एक छोटी सी गलती कई बड़े विवादों को जन्म दे सकती है। यही हुआ जब Aaj Tak की सीनियर पत्रकार अंजना ओम कश्यप अचानक चर्चा में आ गईं। चैनल ने गलती से हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेन्द्र की मौत की खबर चला दी। यह खबर कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर फैल गई और लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि, जल्द ही धर्मेन्द्र के परिवार ने इसे गलत बताते हुए कहा कि अभिनेता बिल्कुल स्वस्थ हैं और ऐसी फेक खबरें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना है। Hema Malini और Esha Deol ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी के निजी जीवन और सम्मान से खिलवाड़ करना अत्यंत गलत है। Sunny Deol ने तो इस मामले में शामिल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तक की चेतावनी दे दी।
इसके बाद Aaj Tak को आधिकारिक माफीनामा जारी करना पड़ा, जिसमें उन्होंने गलती स्वीकार की और रिपोर्ट हटाने की बात कही। यह मामला न सिर्फ मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है बल्कि न्यूज़ इंडस्ट्री में फैक्ट-चेकिंग की जरूरत को भी दर्शाता है।
फेक डेथ वीडियो ने विवाद को और बढ़ाया
गलत रिपोर्टिंग के विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। कुछ अकाउंट्स ने अंजना ओम कश्यप का फेक डेथ वीडियो पोस्ट कर दिया। एक वायरल वीडियो में एक व्यक्ति उनके पोस्टर के सामने खड़ा दिख रहा है, जहां पोस्टर पर माला चढ़ी हुई है, जैसे किसी की अंतिम विदाई हो रही हो।
यह वीडियो Instagram पर @pramodkicomedy द्वारा पोस्ट किया गया, जिसे अब तक 26.2 मिलियन व्यूज़ मिल चुके हैं। हालांकि कुछ लोगों ने इसे व्यंग्य के रूप में लिया, लेकिन बड़ी संख्या में यूज़र्स ने इसे बेहद गलत, अमानवीय और मानसिक रूप से परेशान कर देने वाला बताया।
सोशल मीडिया पर “दो गलत बातें मिलकर सही नहीं बनतीं” जैसी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इस घटना ने यह साफ कर दिया कि जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग किया जाता है, तो इसका असर किसी व्यक्ति की मानसिक और सामाजिक छवि पर गहरा पड़ सकता है।
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धर्मेन्द्र परिवार की नाराज़गी और सोशल मीडिया पर अपील
धर्मेन्द्र के परिवार ने इस गलत सूचना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। Hema Malini ने कहा कि फेक खबरें न सिर्फ व्यक्ति को बल्कि परिवार को भी भावनात्मक रूप से चोट पहुंचाती हैं। Esha Deol ने एक पोस्ट के जरिए कहा कि उनके पिता सुरक्षित और स्वस्थ हैं और फैन्स अफवाहों पर भरोसा न करें।
Sunny Deol ने भी बिना पुष्टि के खबरें चलाने को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया और साफ कहा कि वे फेक खबर फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कदम उठाएंगे। इसके बाद धर्मेन्द्र ने स्वयं Instagram पर एक फोटो शेयर करते हुए फैन्स को भरोसा दिलाया कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।
यह घटना फिर से याद दिलाती है कि गलत रिपोर्टिंग सिर्फ एक गलती नहीं, बल्कि एक गंभीर मुद्दा है, जो किसी के परिवार, प्रतिष्ठा और भावनाओं को गहरी चोट पहुँचा सकता है।
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Aaj Tak का माफीनामा और मीडिया की जिम्मेदारी
Aaj Tak ने अपनी गलती मानते हुए बयान जारी किया: दिग्गज एक्टर धर्मेन्द्र जी के बारे में पहले साझा की गई गलत जानकारी के लिए हमें गहरा खेद है। जैसे ही आधिकारिक स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ, रिपोर्ट हटा ली गई। त्रुटि के लिए उचित कार्रवाई की गई है।
दिग्गज एक्टर धर्मेन्द्र जी के बारे में पहले साझा की गई गलत जानकारी के लिए हमें गहरा खेद है। जैसे ही आधिकारिक स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ, रिपोर्ट हटा ली गई। त्रुटि के लिए उचित कार्रवाई की गई है। हमारी हार्दिक शुभकामनाएं धर्मेंद्र जी और उनके परिवार के साथ हैं, और हम उनके अच्छे…
— AajTak (@aajtak) November 13, 2025
हालांकि यह माफी विवाद को कुछ हद तक शांत करती दिखी, लेकिन इसने मीडिया जगत के सामने बड़ा सवाल खड़ा किया, क्या स्पीड और TRP के दबाव में आज पत्रकारिता की नींव कमजोर पड़ रही है? आज दर्शक सिर्फ तेजी नहीं, बल्कि सटीक और जिम्मेदार खबरें चाहते हैं। यह मामला याद दिलाता है कि किसी भी खबर को चलाने से पहले फैक्ट-चेकिंग और आधिकारिक पुष्टि बेहद जरूरी है।
सोशल मीडिया की भूमिका और डिजिटल जिम्मेदारी की जरूरत
इस पूरी घटना ने एक बार फिर दिखाया कि सोशल मीडिया का प्रभाव कितना बड़ा और खतरनाक हो सकता है। फेक वीडियो, गलत जानकारी और बिना सोचे-समझे की गई शेयरिंग, ये सब किसी भी व्यक्ति को मानसिक रूप से परेशान कर सकते हैं।
अंजना ओम कश्यप पर बना फेक डेथ वीडियो यह दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर लोगों की संवेदनशीलता किस तेजी से कम होती जा रही है। गुस्से में किए गए ऐसे कदम न केवल नैतिक रूप से गलत होते हैं, बल्कि साइबर कानून के तहत दंडनीय भी हो सकते हैं।
अगर समाज को सुरक्षित डिजिटल माहौल चाहिए, तो फेक न्यूज़ को रोकना और डिजिटल जिम्मेदारी को अपनाना जरूरी है। लोग सोशल मीडिया पर क्या साझा कर रहे हैं, इसका असर किसी के पूरे करियर और मानसिक सेहत पर पड़ सकता है।
तथ्य, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी ही आगे का रास्ता
अंजना ओम कश्यप विवाद हमें सिखाता है कि मीडिया हो या सोशल मीडिया, दोनों जगह एक ही नियम चलता है: जिम्मेदारी। गलती होना स्वाभाविक है, लेकिन उसके बाद की प्रतिक्रिया यह तय करती है कि समाज किस दिशा में जा रहा है। मीडिया को सटीकता को प्राथमिकता देनी चाहिए और सोशल मीडिया यूज़र्स को संवेदनशीलता को। अगर दोनों अपना कर्तव्य निभाएँ, तो न फेक न्यूज फैलेगी, न फेक वीडियो, और न ही ऐसी घटनाएँ विवाद का रूप लेंगी।
Disclaimer: इस लेख में दी गई सभी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट, मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। किसी का अपमान करना, छवि खराब करना या गलत संदेश देना उद्देश्य नहीं है। यह लेख केवल जागरूकता और जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए लिखा गया है।
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